* सहिष्णुता-असहिष्णुता *

सहिष्णुता-असहिष्णुता का बना घाल
यह मुद्दा बना बेमिशाल
कोई इस पर देता है सफाई
कोई इस पर करता है लिपाई ,

सभी इसके लिए एक दूसरे पर दोष मढ़े
इसके लिए तर्क भी ग़ढे
यह मुद्दा समाज में कोढ़-खाज की तरह फैल रहा
मिडिया में आज यह ब्रेकिंग न्यूज बन रहा ,

कोई अवार्ड तो कोई पुरुस्कार लौटा रहा
खूब पब्लिसिटी पा राहा
हर चैनल पर है इसका ही चर्चा
इसमे न है कोई खर्चा ,

हरतरफ गर्मा-गरम वहस है छिड़ी
हल से लोगों का है कोसो का दुरी
बस लोग यू हीं गाला फाड़ रहें
जन-जनता को उकसा रहें ,

जनता भी समझती है इनके चाल को
राजनीतिको एवं कुछ बुध्दिजीविओ के घाल को
दोनों के तर्क-वितर्क में
कुछ लोग फड़फड़ा रहा ,

नरेन्द्र भी दो पंक्ति लिख इस पर
करना चाहता है आत्मसात
हो इस पर चिंतन
न हो कोई धमाल ,

सहिष्णुता-असहिष्णुता का बना घाल
यह मुद्दा बना बेमिशाल।

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir 05/11/2015
  2. नरेन्द्र कुमार नरेन्द्र कुमार 05/11/2015
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/11/2015
  4. अंकित 07/11/2015
  5. नरेन्द्र कुमार नरेन्द्र कुमार 07/11/2015

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