वो दोस्त मेरी

वो दोस्त मेरी ,
जब से ज़िन्दगी में आई ,
छोर दिया जीना ,
साँसे उधार लेकर
वो दोस्त मेरी ,
जब से ज़िन्दगी में आई ,
खोल दिया दरवाजा खुशियो ka ,
खुशियो ki chabhi उधार लेकर .
वो दोस्त मेरी ,
जब से ज़िन्दगी में आई ,
poch liye apne aasuon ,
usese rumal उधार लेकर ,
वो दोस्त मेरी ,
जब से ज़िन्दगी में आई ,
sikh liya muskurana ,
muskurahat उधार लेकर
वो दोस्त मेरी ,
जब से ज़िन्दगी में आई ,
sikha gayi dosti karna.
mujhse dosti torkar.

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