मेरे गीत

मेरे गीत

तेरे होठों पर गर
आये जो मेरे गीत
छुकर प्यार से इन्हें
बना लेना अपना मीत।
सहारा मेरा हो तुम
मेरे गीत साथी तुम्हारे
दरमियां जो दीवार है
क्या मिलने देगी प्यारे
बस गुनगुनाती चलो तुम
छोड़ों ना यूं भंवर के बीच,
छुकर प्यार से इन्हें
बना लेना अपना मीत।
आंचल की ठंडी छांव में
कंठ रूपी गांव में
देकर एक छोटा सा घर
बसा लेना तुम इन्हें
निखट्टू बिल्कुल ना समझना
दूंगा हर महीने मैं बीत,
छुकर प्यार से इन्हें
बना लेना अपना मीत।
-ः0ः-

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/11/2015
    • नवल पाल प्रभाकर नवल पाल प्रभाकर 02/11/2015

Leave a Reply