जहर …… ( मुक्तक )

कैद हुआ तो क्या पिंजरे में बंद परिंदा सब्र रखता हैं !
छोटा हुआ तो क्या वो भी आसमानो की खबर रखता है !!
!
सर्प जाति को जाने क्यों बदनाम करती ये दुनिया !
नेताओ को देख लो हर कोई जुबान से जहर उगलता है !!

डी. के. निवातियाँ _______@@@

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 31/10/2015
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 31/10/2015
  2. Girija Girija 01/11/2015
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/11/2015

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