जीवन के हर क्षण अनमोल

अति लघु रूप सा क्षण है अपना
कैसे करेंगे पूरा सपना
दुर्लभ पल बीतता ही जाता
युग करवट लेता ही जाता
समय कभी समान ना होता
पूरे सब अरमान ना होता
आज होठों पर हंसी सजी है
कल नयनों में नीर भरी है
सुख के दिन होते हैं छोटे
हमने सुने हैं ये कहावतें
आलोचना से मानें ना हार
ना पड़े कमजोर लाचार
खोने के क्षण पाने के पल
जीवन में आते हैं हरपल
खोदते रहते जो पृथ्वी को
भूमि आश्रय देती उनको
एक दिन सबको जाना ही है
ये कटु सत्य जो माना ही है
अपने आप कोई ना निखरा
जो टूटा ना हारा-बिखरा
अपार कष्ट बाधायें झेले
विकट कठिन राहों से निकले
फिर भी सब जीवन जीते हैं
गम में अपने मुस्काते हैं
ऐसे लोग हुए हैं अनेक
जिनके पथ हुए हैं नेक
क्योंकि जीवन है अनमोल
इसका नही है कोई मोल .

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/10/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/10/2015
  3. Hitesh Kumar Sharma Hitesh Kumar Sharma 30/10/2015
  4. Girija Girija 30/10/2015
    • Bharti Das bharti das 31/10/2015

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