” प्यार का सामना “

“जाने क्यों आखे झुक जाती है
सामने मेरे जब तुम होते हो
बढ़तें हुए कदम फिर रुक जाते है
सामने मेरे जब तुम होते हो ,

दिल में अजीब सी सिहरन होती है
पास में जब तुम मेरे होते हो
होठो पे मुस्कान और मन में सवाल कई होते है
पास में जब तुम मेरे होते हो ,

हर सूरत में अब तुम दीखते हो
रातों को सपनो में तुम आते हो
करते हो शरारत मुझसे
फिर जाने कहाँ चले जाते हो ,

मचल उठे है अब दिल में अरमान कई
नजरों से नजरे करती है बाते इश्क की
धड़कनों से है गुजारिश की संभल जाये
हो ना जाये बारिश आखिरी ये इश्क की ||”

2 Comments

  1. Rinki Raut Rinki Raut 29/10/2015
  2. omendra.shukla omendra.shukla 30/10/2015

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