बाँट सको तो…..

आज हर कोई बाँट रहा, मुल्को की सरहदो को !
जलजले कब समझते है मजहबी हथियारों को !!
!
बाँट लो तुम चाहे जितना, मुल्को और इंसानो को !
बाँट सको तो बाँट दिखाओ, खुदा के कारनामो को !!

10 Comments

  1. gyanipandit 26/10/2015
    • डी. के. निवातिया dknivatiya 26/10/2015
  2. bimladhillon 26/10/2015
    • डी. के. निवातिया dknivatiya 26/10/2015
  3. Shishir "Madhukar" Shishir 26/10/2015
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 27/10/2015
  4. Ashita Parida Ashita Parida 26/10/2015
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 27/10/2015
  5. pankaj charpe pankaj charpe 26/10/2015
    • डी. के. निवातिया dknivatiya 26/10/2015

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