कसमें मोहब्बत की-शिशिर मधुकर

ये जहाँ दिल की बातें अजीजो से कहता है
मेरा कोई अपना फ़िर चुप चुप क्यों रहता है
पीडा अपने मन की वो साझा ना करता है
अकेले में घुट घुट के बस आहें वो भरता है
दो जिस्मॉ की एक होती जब जब कहानी
छुपाने से ना चलती है तब कोई ज़िन्दगानी
सुनो तुम भी मुझे अपने ग़म में मिला लो
और कसमें मोहब्बत की सारी निभा लो .

शिशिर मधुकर

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/10/2015
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/10/2015

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