“तस्वीर “

दर्द की तन्हाई में बेशौक जीते रहे थे
अश्कों से खुद की प्यास बुझाया करते थे |
तेरी याद में हमेशा ऐ सनम
तेरी तस्वीर को सीने से लगाया करते थे ||