वो एक परियो की रानी

खिल उठता है मन चाँद के निकलने से ,
मन की मयुरी है नाचती उसके कोमल प्रकाश से ,
चाहत इस दिल की ,कोई चाँद उतर आये इस जीवन में ,
दिल की हर धड़कन पर उसी का शाशन हो,
हो जाएं मेरी हर रात उसके सपनो से सुहानी,
इसिलिए ऎसा महसूस होता है,होगी वो एक परियो की रानी।

उसके आने से जीवन के हर फूल खिल जाएं,
वक़्त के पाव अनायास ही ठहर जाएं,
चाँद भी अपना रास्ता भटक जाएं ,
खूबसूरत हो इतनी की कोई देखे तो जल जाएं ,
गड जाए इस दिल में एक प्रेम की कहानी ,
इसिलिए ऎसा महसूस होता है,होगी वो एक परियो की रानी।

मेरी सासो की सरगम उसका संगीत बन जाएं ,
उसकी याद आने से हवा भी मुस्कुरा जाएं ,
मैं शायर वो मेरी गजल बन जाएं ,
मैं घनश्याम वो मेरी राधा बन जाएं ,
प्रतिपल कानो में गूँजती रही उसकी मीठी वाणी ,
इसिलिए ऎसा महसूस होता है,होगी वो एक परियो की रानी।

सफर जिंदगी का तनहा सा कट रहा है ,
उसके आने की उम्मीद में समय गुजर रहा है,
रात में जुगनुओं का चमकना,दिन में भवरो का फूलो पर मचलना ,
कर रहा है कुछ इशारा ,लगता है उसके आने से जीवन में होगा एक उजियारा ,
तड़प रहा है दिल उसकी आस में जैसे रेगिस्तान में तड़पता है प्यासा पिने को पानी ,
इसिलिए ऎसा महसूस होता है,होगी वो एक परियो की रानी।

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/10/2015
    • pankaj charpe pankaj charpe 26/10/2015

Leave a Reply