||खुदा ||

“उल्फत में रोशनी की आस ना कर
है लिखा जो किस्मत में
उसे मिटाने की चाह ना कर
लम्हे यू गुजर जायेंगे जिंदगी के
तू बस मुश्किलों नुमाइश ना कर
रख भरोसा खुद की दुवाओं में इतना
खुदा भी तुझसे मिलने की चाह रखे
और खुद की नापाक बंदिशों की परवाह ना कर
सफर आसान हो जायेगा जिंदगी का
खुदा पे भरोसा रख और किस्मत की आस ना कर ||”

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/10/2015
  2. omendra.shukla omendra.shukla 23/10/2015
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/10/2015
  4. omendra.shukla omendra.shukla 24/10/2015

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