रूह के पास – शिशिर “मधुकर “

इस जहाँ में जो रूह के पास होते हैं
उनके दिल आईने से साफ होते है
सदा उनमे छवि अपनी दिखाई देती है
इसी रिश्ते को दुनियाँ भी प्रेम कहती है
जैसे जैसे किताब जिन्दगी की खुलती है
झूठ और वासना से शांति ना मिलती है
जिन्हे जीवन में मिलती है ये दौलत सच्ची
ऐसे चेहरों पे खुशी फूल बन के खिलती है.

शिशिर “मधुकर “

5 Comments

  1. RAJ KUMAR GUPTA Raj Kumar Gupta 22/10/2015
  2. डी. के. निवातिया dknivatiya 22/10/2015
  3. Sukhmangal Singh sukhmangal singh 23/10/2015
  4. Shyam Shyam tiwari 23/10/2015
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/10/2015

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