जिंदगी

“जिंदगी हरबसर की राह से अन्जान होती है |
निगाहे नेक भी इस उम्र में बदनाम होती है ||”

3 Comments

  1. डी. के. निवातिया dknivatiya 19/10/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir 19/10/2015

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