मुक्तक

बिकता है देखो न्याय जहाँ , ऐसे यह न्यायालय हैं |
सत्ता के गलियारे देखो , बने आज वैश्यालय हैं |
ओहदों को लेकर घूम रहें वो , चम् -चम् करती कारों में ,
मंत्रियों के राज महल बन गये , चोरों के मुख्यालय हैं |

आदेश कुमार पंकज

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir 18/10/2015
  2. डी. के. निवातिया dknivatiya 18/10/2015

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