जरुरत ….

उन खोये बेशकीमती
हसीन पलो की जरूरत है हमें,
बीते गए जो हसीन कल
अब उनकी जरूरत है हमें,
परवाह नही कोई
रूठ जाये अगर सारा जहां हमसे..
जिंदगी में ना रूठे कभी
ऐसे दोस्त की जरूरत है हमें !!
!
!
!

—-:: डी. के. निवातियाँ ::—-

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/10/2015
  2. डी. के. निवातिया dknivatiya 17/10/2015
  3. आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 'आलेख' 19/10/2015
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/10/2015

Leave a Reply