“चेहरा” डॉ. मोबीन ख़ान

तेरा असली चेहरा कुछ और ही है इंसान,
तू ख़ुदा को भी अपना, नकली चेहरा दिखाता रहा।।

तेरी बगावत तो खुद तुझसे ही है,
तेरा आईना हर बार तुझे, तेरा सच बताता रहा।।

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया dknivatiya 17/10/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/10/2015

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