प्यार करने की इजाजत [गजल ]

तर्ज — मंजिलें अपनी जगह….

मांग लूं उसको खुदा से देकर बदले जान भी !
मुझको पाने की इबादत की थी मेरे यार ने !!

हर तरफ चर्चे बहुत है और बातें प्यार की !
प्यार में ऐसी महारथ की थी मेरे यार ने !!

भूलवस उस यार को भूलना मुंकिन नहीं !
साथ जीने की ये आदत दी थी मेरे यार ने!!

जो यहां सब कुछ भुला कर प्यार मांगे यार का !
प्यार मे हरपल सहादत दी थी मेरे यार ने !!

बेच दूं खुद को “अनुज” सर्तों मे अपने प्यार के !
बेपनाह पाकी मुहब्बत की जो मेरे यार ने !!

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/10/2015
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 17/10/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/10/2015
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 17/10/2015

Leave a Reply