“दिल” डॉ. मोबीन ख़ान

ऐ कलम अब सो भी जा,
आज कुछ लिखने को दिल करता नहीं।।

बहुत कह चुका सच लोगों से,
अब सच कहने को दिल करता नहीं।।

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/10/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/10/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 16/10/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 16/10/2015

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