उसका बदन छूकर

उसका बदन छूकर कोई बयार आएगा
फिर खामोश आॅखों में प्यार आएगा

ओ पराई चीज है उसे ेमत ही ले तू
बदनामी होगी अगर चैकीदार आएगा

यूं न देख आॅखों में आॅखें डालकर
उसने तीर छोड़ा तो दिल के पार आएगा

इतना जुल्म न करो ओ महलों वालों
हिसाब लेने मजलूमों का सरदार आएगा

जो जाहील है आवाम भी उसी की मुरीद है
जो पिछली बार लूटा वही सरकार आएगा

2 Comments

  1. sushil sushil 14/10/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/10/2015

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