शरणार्थी

लेटा था मैं समुंद्र किनारे
लोग दौड़े-दौड़े आए
मर गया ये तो..
किसी ने कहा
कितना सुन्दर बच्चा था..
दुसरे ने कहा
मैं शांत लेटा रहा समुंद किनारे

शरणार्थी लगता है
डूब कर मर गया
एक रोशनी चमकी
किसी ने फोटो लिया
किसी ने लेख लिख दिया
मेरी कहानी सात समन्दर पर तक गई

हंगामा ही हंगमा मचा
मैं फिर भी लेटा रहा समुंद्र किनारे

पहले कभी जब भूख-प्यास से रोया
दर पर दर घर को तरसा
किसी ने आवाज़ नहीं सुनी

आज शांति से सोया हूँ
लोग क्यूँ हंगामा मचा रहे है?

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 12/10/2015
    • Rinki Raut Rinki Raut 12/10/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/10/2015
  3. sushil sushil 12/10/2015
    • Rinki Raut Rinki Raut 13/10/2015

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