तेरी आँखों ने क्या…(गीत)

तेरी आँखों ने क्या जादू किया
मेरे ख़्वाबों में तुम आने लगे
मुझे तुमसे नहीं था शिकवा कोई
मुझे क्यूँ कर तुम आज़माने लगे ।।

कभी पास मेरे होते हो जो तुम
मुझे होश नहीं फिर रहता है कुछ
क्यूँ ख़्वाब तेरे अक्सर अब तो
मुझे रातों को तड़पाने लगे ।।

तुमसे जो मिलेंगी नज़रें कभी
लम्हा भी वो होगा कितना हसीं
क्यूँ ख़्वाब ये आ आकर अक़्सर
मुझको इतना बहकाने लगे ।।

मेरी ज़िन्दगी थी बस तनहा
पर तुम जो मिली तो ऐसा हुआ
लहरा के तुम अपना आँचल फिर
प्यार इतना क्यूँ बरसाने लगे ।।

ये ही ज़िंदगी की है दास्तां
अभी साथ हैं कल हम हों कहाँ
तुम इतनी सी बात पे हो के ख़फ़ा
ये नैना क्यूँ छलकाने लगे ।।

— अमिताभ ‘आलेख’

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/10/2015
  2. आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 'आलेख' 11/10/2015
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 12/10/2015
    • आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 'आलेख' 12/10/2015

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