“चमन” डॉ. मोबीन ख़ान

हर वक़्त तुझे एहतियात की एहतियाज़ है।

यह ऐयाश जमाना तुझे बर्बाद न करदे।।

फिर इस एहतमाम को दोष मत देना ।

कहीँ लोगों का ऐश तेरे चमन को बर्बाद न करदे।।