आप मुझसे

आप मुझसे क्यों हैं रूठें , क्या खता है हो गयी |
बिन बताये ही मुझे वह , क्यों सजा है दे गयी |
आप यदि कहते मुझे तो , एक पग पर नाचता ,,
पर बेरुखी यह इस तरह , बेबफा क्यों हो गयी |
चाँद – सूरज और तारे , रख दूँ तेरे हाथ पर मैं ,,
पर बता तू इस तरह ,मुझसे जुदा क्यों हो गयी |
संसार की हर चीज़ मैंने , ला रखी तेरे सामने ,,
पंकज बता फिर वह मुझे ,क्यों दगा है दे गयी |
आदेश कुमार पंकज

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  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/10/2015

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