एक

चाहे मन्दिर , चाहे मस्जिद ,
चाहे गुरूद्वारे तुम जाओ |
ईश एक है सभी जगह पर ,
चाहे जो कह शीश झुकाओ |
अल्लाह हो या गुरुनानक हों ,
यीशु या घनश्याम हों |
सबकी शिक्षा एक ही होती ,
सुखमय सुबह औ शाम हो |
एक चाँद औ एक ही सूरज ,
का प्रकाश हम पातें है |
एक ही धरती पर वृक्षों के ,
मीठे फल हम खातें हैं |
एक आत्मा सबके अन्दर,
एक लहू ही बहता है |
हम मिलकर के साथ रहें ,
हर मजहब यह कहता है |
किसी धर्म औ किसी जाति,
का न करना अपमान |
चाहे कुछ भी बन जा तू ,
पर पहले बन इन्सान |
एक जगह से हम आयें हैं ,
एक जगह को ही जायेगें |
पंकज सबका पंथ अलग है ,
फिर भी हम मिल जायेंगें |
आदेश कुमार पंकज

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  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/10/2015

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