पेड़

देखो यह मुस्काते पेड़ |
हमको पाठ पढ़ाते पेड़ |
चोटों को हँसकर सह लेते ,
मीठे फल यह हमको देते ,
क्रोध न कभी दिखाते पेड़ |
छाया भी यह हमको देते ,
राही को यह आश्रय देते ,
पथ में स्वागत करते पेड़ |
स्वयं सूख कर ईंधन देते ,
जीवन को अर्पण कर देते ,
सच्चे त्यागी होते हैं पेड़ |
हर संकट से लड़ते रहते ,
वर्षा – गर्मी – सर्दी सहते ,
पीठ नहीं दिखलाते पेड़ |
स्वयं राह पर चलते रहते ,
बिना रुके यह बढ़ते रहते ,
कभी नहीं थकते यह पेड़ |
आदेश कुमार पंकज

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