बिट्टू

छोटी गिलहरी की छोटी सी दुनिया ,
बिट्टू है किट्टू है वो प्यारी मुनिया ||
हँसती है जब वो बजती है बंशी ,
रोते ही उसके छा जाय उदासी ||
वो उछले , वो कूदे
वो पालने में झूले ,
मैं जब पुकारु तो मुझको निहारें ,
ना जाने मन में वो क्या – क्या बिचारे ||
बिटिया हमारी , है कितनी प्यारी ,
बंजर को उसने बनायी फुलवारी ||
छोटे से हाथो में छोटी लकीरें ,
इन में छुपी है कल की तस्वीरें ||

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/10/2015
    • sushil sushil 09/10/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/10/2015

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