मुश्किल तो आसां…

मुश्किल तो आसां हो गयीं अब कोई भी मुश्किल नही।
मुश्किल यही ऐ दिल मुझे अब कोई भी मुश्किल नही।।

तोड़ दो चाहे फेंक दो या ज़ुल्म चाहे करो कोई।
हालत यही इस दिल की ये मेरे दिल में कुछ हलचल नही।।

इधर गया या उधर गया मैं जिधर गया बस खो गया।
मुझे ढूँढने मेरे साथ में अब कोई भी हमदम नही।।

मैं गया था उनको ख़याल में एक जाम देने ख़ुमार का।
वो कह रहे थे शुक्रिया बस अब नही बिलकुल नही।।

— अमिताभ ‘आलेख’

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/10/2015
    • आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 'आलेख' 11/10/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/10/2015
    • आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 'आलेख' 11/10/2015

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