आज के हालात – शिशिर “मधुकर”

आज के इन हालातों में नज़रों को ज़रा घुमाओ तो
आसानी से मिल जाएगी तुमको ये कड़वी सच्चाई
जीना उसका दुश्वार हुआ है जो जीवन में सच्चा है
घुटकर युहीं जीते जाने को अन्याय सहते जाने को
वंश हमारा अब ना होगा सोचो ये कितना अच्छा है.

कानून का पालन करते हुए नियम शांति से चलते हुए
तुम गर कुछ करना चाहते हो कोई तुमको करने ना देगा
जिनके हाथ में पैसा है, बदमाशी और सत्ता है
वही दिन को रात कहेंगे करेंगे उनकी जो इच्छा है
घुटकर युहीं जीते जाने को अन्याय सहते जाने को
वंश हमारा अब ना होगा सोचो ये कितना अच्छा है.

शिशिर “मधुकर”

One Response

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/10/2015

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