आंसू

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आंखो की पलक को नम करके ,
दुनिया को गम से मुक्त किया ,
सुख दुख मे साथी बन करके ,
दिल के दर्द को सक्त किया ,

आत्म भाव के चंचल पथ को
सरल सुदुर्गम बना दिया ,
मन के कुटिल कल्प दामन का
पलको के नीर मे बहा दिया ,

प्रेम के पंछी के जीवन मे
आंसू ही साथ निभाया हैै ,
करुण अश्रु की धारा मे
ममता ने जन्म को पाया हैै ,

मां के आंचल की दुनिया से
इक रहस्यमयी संसार बना ,
अश्रु के मोती से जीवन का
अनमोलमयी पैगाम मिला ,

अंग अंग से बेसकीमती
नदी से शीतल अमृतमयी धार ,
दिल की तीव्र तीछ्ण ज्वाला को
ठण्डा किया अश्रु का भार ,

आंख से आंसू का गिरना
प्रकृति को अनकूलन की लार ,
मिलने बिछडने के ऊथल को
समतल किया अश्रु की धार , ( आंसू )
आंखो की पलक को नम करके ,
दुनिया को गम से मुक्त किया ,
सुख दुख मे साथी बन करके ,
दिल के दर्द को सक्त किया ,

आत्म भाव के चंचल पथ को
सरल सुदुर्गम बना दिया ,
मन के कुटिल कल्प दामन का
पलको के नीर मे बहा दिया ,

प्रेम के पंछी के जीवन मे
आंसू ही साथ निभाया हैै ,
करुण अश्रु की धारा मे
ममता ने जन्म को पा
(Om narayanदद karndhar)