“आरज़ू” डॉ. मोबीन खान

अगर आरज़ू है मुझे हासिल करने की,

तो आंखोँ मेँ आब-ए-तल्ख़ रखो।।

कहीँ ए आशुफ़्ता सा ज़माना तुम्हें गलत ना समझे,

हर घड़ी इस आसिम जमाने की खबर रखो।।

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir 08/10/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 08/10/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 08/10/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 08/10/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 08/10/2015

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