तथ्यों में बात

लाज
क्या चीज़ होती है
अजी अब कोई
ष्षर्माता ही नहीं
हमदर्दी
क्या बला होती है
दो बोल भूलवष भी इसके
कोई जुबां पे लाता नहीं
तपाक से
तथ्यों मंे
बात होने लगी है
प्यार क्या होता है
कोई दिखाता नहीं
सब
चले हैं अपने-अपने
नषे में
धुत्त
सब्र क्या होता है
कोई आजमाता नहीं
बनां के
बड़े-बड़े मकान
बाहर उनके
खड़ी कर दीं
मोटर-कारें
कैसा ज़माना
आ गया है यारो
सब कुुछ
होते हुए भी
आज
पलभर भी
चैन कोई पाता नहीं

2 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 07/10/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 08/10/2015

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