कवि

कवि इतिहासकार है
संवेदना का
मनुष्यता का ।
और बल्कि
जीवनी लिखता है
समय की ।
अभिव्यक्ति उसकी चतुराई नहीं
विवशता है
बिम्ब और शब्द
झूठे प्रलाप नहीं
जड़े हैं
विस्तार की ।
उसका मर्म हैं ।
– औचित्य कुमार सिंह (07.10.2015)

7 Comments

  1. राकेश जयहिन्द राकेश जयहिन्द 07/10/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/10/2015
  3. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 07/10/2015
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/10/2015

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