गाल का निशान

मेरे गाल का निशान
मुझसे जुड़कर भी तुम्हारा हिस्सा है
मेरे चुप रहने कि हिम्मत
मेरी अनदेखी नहीं तुम्हारा प्यार है – तुम्हारे विश्वास से मुझमे ताकत आती है।

मुझे हरदम ये महसूस होता है कि मेरा सारा वक़्त तुम्हारा है और
मेरी सारी कोशिशे तुम से जुडी हैं-

कभी कभी उस छोर से खड़े होकर तुम मुझे महसूस करती हो
तुम मेरा प्यार ढूंढती हो और मुझ पर अधिकार जताती हो
ये मेरे लगाव की सफलता है

पर तुम्हारे आंसू बह जाते हैं जाने अनजाने
महकी धुंधली बात पर
बिल्कुल लाजमी है-
यही तो अधिकार है

पर प्रिया तुम उन हर एक क्षण और स्पर्श में मुझसे जुडी हो जो हमने साझा किया है
हमारे हर चुम्बन पर तुम्हारा अधिकार है
मैं खुद उन्हें वेदना में भोगने को तैयार हूँ

मेरा दम्भ तुम्हारा स्नेह है
मेरी सफलता तुम्हारा जुड़ाव है
और मेरे प्यार की चमक तुम्हारे आंसू हैं
जरा सी तिरछी नजर तुम्हारे लिए घाव है

मैं गुस्सा तो करूँ पर मुझे प्यार आता है

तुम कहती हो मैं निर्मोही हूँ
तुम कहती हो मैं छल हूँ
तुम कहती हो मैं पक्षपाती हूँ
तुम कहती हो मेरे घृणित उद्देश्य हैं

शायद मेरा स्नेह ही छोटा पड़ गया है
मैं जानता हूँ तुम नहीं बदली, ना मैं ही बदला हूँ -बस अब मेरा स्नेह छोटा पड़ गया है
वर्ना ऐसी कड़वी बाते कहते तुम्हारे शरीर में झुरझुरी फ़ैल जाती और झनझनाहट में तुम बोखला जातीं
मेरा स्नेह छोटा पड़ गया है प्रिये
और मेरे शरीर का सारा रक्त जिव्हा में आ जाने पर भी में ये बोलने में अशक्त हूँ कि कैसे तुम्हारे अंश खुद से मिटा पाउँगा !

तुम विश्वास का श्रोत हो तुम धारा हो साम्राज्य की
तुम मेरे दम्भ का श्रोत हो तुम मेरे प्रीत का साम्राज्य हो
तुम्हे विजय करना स्वयं को नष्ट करना है किन्तु तुम्हे जीत लेना स्वप्न
मेरा ये सँघर्ष भी अब तुम्हे ही अर्पित है
-औचित्य कुमार सिंह

6 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 07/10/2015
  2. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 07/10/2015
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/10/2015
  4. राकेश जयहिन्द राकेश जयहिन्द 07/10/2015
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/10/2015

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