बहनों को जन्मदिन भेंट- शिशिर “मधुकर”

(१). लाया नहीं हूँ कुछ भी छोड़ के प्रेम के मोती
कितना अच्छा होता अगर सब बहनें तुम सी होतीं
उन सब के जनम दिनों पर हम दिल से ये दुआ मनाते
छूटे चाहे ये जीवन टूटे ना अपने नाते.

(२). क्या दूँ तुझको उपहार, तेरे जनम दिवस पर बहना
इतना तो मैं नहीं हूँ काबिल पूरा कर दूँ तेरा हर कहना
लेकिन मेरे अंतर्मन की ये दुआ फलक तक जाएगी
तू जहाँ रहेगी जीवन में साड़ी खुशियों को पाएगी

शिशिर “मधुकर”

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/10/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/10/2015

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