खुद से दूर – शिशिर “मधुकर”

इतना क्यों चाहा तुमने मुझसे
मैं खुद से कितना दूर हो गया
जिन्दा रखने आशाए तुम्हारी
सब सहने को मजबूर हो गया
इस प्यार ने जीवन में मुझको
हरदम इतना तड़पाया है
जब चाह हुई है हँसने की
आँखों से पानी आया है.

शिशिर “मधुकर”

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/10/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/10/2015
  3. आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 'आलेख' 07/10/2015
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/10/2015

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