सुन्दर पल – शिशिर “मधुकर”

यह कविता मैंने अपनी एक मित्र को उसको विदा करते समय भेट की थी .

दिल तो ये चाहे रोक लूँ तुमको
लेकिन इतना अधिकार नहीं है
ये वक्त तो एक दिन आना था
वक्त पे मेरा इख्तियार नहीं है
जीवन के ये सुन्दर पल
पर हरदम मुझको याद रहेंगे
और यादों के ये दिव्य फूल
जीवन भर मेरे साथ रहेंगे.

शिशिर “मधुकर”

4 Comments

  1. आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 'आलेख' 14/10/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/10/2015
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/10/2015
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/10/2015

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