* गांधी हैं हर जगह *

गांधी हैं हर जगह
नहीं हैं तो सिर्फ विचार में ,

चौक पर हैं चौराहे पर हैं
खड़े हर मैदान के किनारे पर हैं ,
मुद्रा पर हैं कार्यालय में हैं
मंदिर और दिवालय में हैं ,

गांधी हैं हर जगह
नहीं हैं तो सिर्फ विचार में ,

उनके नाम के नारे हैं लगाते
उनके नाम से भर्म हैं फैलाते ,
आज सभी के मुख में हैं वे रहते
दिल में वे किसी के न वसते ,

गांधी हैं हर जगह
नहीं हैं तो सिर्फ विचार में ,

उनका विचार आज मजाक बन गया
रामराज्य का सपना कबाड़ बन गया ,
सम्प्रदाय और आरक्षण
सत्ता पाने का बन गए साधन ,

गांधी हैं हर जगह
नहीं हैं तो सिर्फ विचार में ,

उनके नाम को लोग एसे गले लगते
जैसे एक शेर मुख में दुभ हैं फसाते ,
उनकी टोपी और नाम
आज लोगो का ढाल और व्यापार बन गया ,

गांधी हैं हर जगह
नहीं हैं तो सिर्फ विचार में।

2 Comments

  1. नरेन्द्र कुमार Narendra kumar 03/10/2015

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