तुम्हारे खूबसूरत नैन…

तुम्हारे खूबसूरत नैन मुझे क्यूँ याद आते हैं।
मेरे दिल को बहुत बेचैन ये क्यूँ करते जाते हैं।।

वो हर पल जो तुम्हारे साथ गुज़रा याद आता है
तेरा हंसना अचानक रूठ जाना याद आता है
तेरी आँखों से छलके थे जो आंसू याद आते हैं।।
मेरे दिल को…..

वो हर एक रोज़ तुझको फूल देना मेरी आदत थी
मेरी आदत वो तेरी जानिब शायद एक इबादत थी
तेरी खातिर वो पल बेचैन गुज़रे याद आते हैं।।
मेरे दिल को…..

तेरा आँखें मिलाके यूं हटाना याद आता है
वो बातों बातों में शर्मा के उठना याद आता है
ये साज़ो सामाँ दुनिया के तेरे आगे ना भाते हैं।।
मेरे दिल को…..

— अमिताभ ‘आलेख’

6 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 24/09/2015
    • आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 24/09/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 24/09/2015
    • आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 24/09/2015
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/09/2015
    • आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 24/09/2015