इक चिठ्ठी ,प्यारे लखनऊ के नाम

इक चिठ्ठी ,प्यारे लखनऊ के नाम !

मेरे प्यारे शहर, तुझे प्यार भरा सलाम !!
प्यार तेरी गलियों ,सड़कों को ,
प्यार तेरे पार्कों ,बगीचों को ,
आँखों में है तेरी सुबह की ताजगी ,
भूलेगी किसे भला अवध की शाम !
मेरे प्यारे शहर , तुझे प्यार भरा सलाम !!
तेरे सुबहों को वो कबूतरों की उड़ान ,
तेरी शामों को वो पतंगों की उड़ान ,
तेरी फिजाओं के अंदाज निराले ,
निराले तेरे दुआ सलाम !!
मेरे प्यारे शहर ,तुझे प्यार भरा सलाम !!
वो गुलमोहर छाई सड़कें ,
फुलगुच्छे वो अमलतास के ,
सदाबहार बोगेनविलिया ,
और भी फूल पौधे तमाम !
मेरे प्यारे शहर, तुझे प्यार भर सलाम !!
सलीके तेरे नवाबों वाले
,नाजुक ख़यालात शायरों वाले ,
रंगीले अमीनाबाद की भीड़ भरी दोपहर ,
गंज की लम्बी रूमानी शाम !
मेरे प्यारे शहर, तुझे प्यार भरा सलाम !!
वो इमामबाड़ा ,वो गोमती की धारा,
मेफेयर का मॉर्निंग अंग्रेजी शो ,,
मेडिकल कॉलेज के सुनहरे रुपहले दिन ,
चौक में चिकन का भारी काम !
मेरे प्यारे शहर, तुझे प्यार भरा सलाम !!
मिठास भरी वो कड़क रेवड़ियां ,
रुपहली ,वर्क लगी मस्त गिलौरियां ,
वो लस्सी कार्नर ,वो चाट की दूकान ,
वो मीठे अमरुद,, वो लजीज आम !
मेरे प्यारे शहर ,तुझे प्यार भरा सलाम !!
वक्त के साथ भी तूने कदम मिलाये ,
सहेजे भी रखा अपनी संस्कृति को ,
अजनबियों से भी तू मुस्कुरा के मिलता है ,
भले ही वो इंसान ख़ास हो या आम !
मेरे प्यारे शहर ,तुझे प्यार भरा सलाम !!
सलाम तेरी तहजीब को ,सभ्यता को ,
सलाम तेरी धर्मनिरपेक्षता को
खुशियां तेरी मिसाल के काबिल हैं ,
ईद की नमाज हो या दिवाली की शाम !
मेरे प्यारे शहर ,तुझे प्यार भरा सलाम !!

डॉ दीपिका शर्मा

3 Comments

  1. आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 23/09/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 24/09/2015
  3. Dr Deepika Sharma Dr Deepika Sharma 19/02/2016

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