चलो एक ऐसा जहाँ हम बनाए

चलो एक ऐसा जहाँ हम बनाऐं..
मोहब्बत करेँ सिर्फ मोहब्बत फैलाएँ..
क्योँ एक दूसरे को गुनेहगार ठहराएँ
कोशिश करोगे तो बदल ही तुम दोगे
हर रास्ते को नया नाम दोगे
किसको मिली है मंजिलेँ यहाँ पर
चलो हर किसी को मंजिल दिलाएँ…
मोहब्बत करेँ और मोहब्बत फैलाएं…

वादा करो खुद से कि टूटने ना दोगे
कोशिश मेरी तुम बर्बाद ना करोगे
साथ मेरे हो तो साथ ही रहोगे
मुश्किल भी वक़्त हो तो यही तुम कहोगे
चलो आज तुमको एक रास्ता दिखाएँ…
मोहब्बत करें और मोहब्बत फैलाएँ…

जुगनू बने तुमको जुगनू बनाएँ
तेरे साथ हरदम रोशनी फैलाएँ
कितना भी अंधेरा मिले इस जहाँ को
जीते रहो तुम सींचो इस जहाँ को
रोते हुए को हंसना सिखाऍ
चलो एक ऐसा जहाँ हम बनाएँ….
मोहब्बत करेँ और मोहब्बत फैलाएं……

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/09/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 21/09/2015
  2. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 22/09/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 22/09/2015
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/09/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 22/09/2015

Leave a Reply