चाहतें

कौन कहता है चाहतें बेकार जाती हैं
दिल से करो एक दिन ये रंग जरूर लाती हैं
कुछ पाने को तो करना पड़ता है इन्तजार
आखिर युहीं मिलता नहीं है इश्क में करार
मिलके जिसे ये जिंदगानी मुस्कराती है
ऐसी ख़ुशी जीवन में किस्मतों से आती है
थाम लो न जाने दो अपने से उसको दूर
चारों तरफ होगा तुम्हारे बस ख़ुदा का नूर.

शिशिर “मधुकर”

6 Comments

  1. bimladhillon 23/09/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/09/2015
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/09/2015
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/09/2015
  5. Sukhmangal Singh sukhmangal singh 24/09/2015
    • Shishir "Madhukar" Shishir 24/09/2015

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