अनमोल है बेटी

भक्ति है बेटी, शक्ति है बेटी , बेटी से बनता संसार
अनमोल होती है बेटी , तू उसे कोख में यूं मत मार

शान है बेटी , मुस्कान है बेटी, बेटी से सजता घर द्वार
प्रभु कृपा होती जिस पर ,मिलता उसे ये बहुमूल्य उपहार

राधा है बेटी ,सीता है बेटी , बेटी है माँ सिंह सवार
काशी बेटी , मथुरा बेटी और बेटी है तीर्थ हरिद्वार

जय है बेटी , विजय है बेटी, और बेटी से मिले शक्ति अपार
जब तक बेटी साथ है तेरे , तू न सकेगा कभी हार

धरम है बेटी , करम है बेटी , बेटी से मिलते संस्कार
बेटी है वो मजबूत कड़ी , जिस से जुड़ते दो परिवार

धरती है बेटी ,कीर्ति है बेटी , बेटी है जगत आधार
बेटी जो संतान तेरी , तो तूने किया धरा पर उपकार

कन्यादान है बेटी , महादान है बेटी , बेटी करे तेरा उद्धार
बेटी करे तेरा जनम सफल , होगी तेरी भी नैया पार

समझ सके तो समझ ले , बेटी की महिमा का सार
कहे हित, जिसने इसको ठुकराया, उसका जनम समझो बेकार

हितेश कुमार शर्मा

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/09/2015
    • Hitesh Kumar Sharma Hitesh Kumar Sharma 16/09/2015
  2. डी. के. निवातिया DK Nivatiyan 16/09/2015
  3. Sanjay Bhaskar Sanjay Bhaskar 30/09/2015
  4. Hitesh Kumar Sharma Hitesh Kumar Sharma 30/09/2015

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