दिल का खुदा

मोहब्बत मिल गई तो क्या करेंगे
कैसे तन्हा भीड़ में तड़पा करेंगे
नशा मिल जाएगा जो बिन जतन के
क्यूँ मयकश इसके लिए तरसा करेंगे
अब तो हम हरदम इसी को सोचते हैं
अपने दिल के उस खुदा को खोजते हैं
बाहर दुनिया में वो शायद ना मिलेगा
मन भीतर ही उसका हँसी चेहरा दिखेगा
देखकर जिसको ना फिर कोई प्यास होगी
खुशियाँ मिलेंगी उम्र भर की
और ना कोई अधूरी आस होगी।

शिशिर “मधुकर”

8 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 13/09/2015
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/09/2015
      • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 14/09/2015
        • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/09/2015
  2. डी. के. निवातिया D K Nivatiyan 15/09/2015
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/09/2015
  4. mani mani 29/07/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/07/2016

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