सुनहरी किरणें

हर सुबह खिड़की से सुनहरी किरणें अपनी
रोशनी से मुझे जगाने आ जाया करती हैं….
उन सुनहरी किरणों से रोज मेरी बात होती है …
उनकी इक प्यारी-सी दुनिया से मेरी मुलाकात होती है …
इक दिन मैंने पूछा तुम हमेशा
बिलकुल सही समय पर कैसे आ जाया करती हो ??
तो वो मुस्कुराकर बोली
हमारी दुनिया तुम इंसानी दुनिया से अलग है
हमारी दुनिया में देरी और अनियमितता जैसी कोई बात नहीं होती है …..

2 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 12/09/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir 13/09/2015

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