दोहे -१

१)
कवि बहरा कवि बावरा , कवि की टेढी चाल !
कवि करनी करतूत से , करे बाल की खाल !!
२)
बच्चों सा मासूम दिल , सम दर्पण दिल साफ !
पंछी सा उडता फिरे , करे सदा इन्साफ !!
३)
सहमे से बादल उठे , धुन्ध उठा भरपूर !
दिल के हर अरमान को ,करके चकनाचूर !!
४)
रंग उजारे बाग ने , रौनक रही न एक !
अरमानो से सजे थे , जीवन के संलेख !!

Anuj Tiwari

5 Comments

  1. Ankita Anshu Ankita Anshu 12/09/2015
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 12/09/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir 13/09/2015
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 13/09/2015
  3. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 24/09/2015

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