बरखा रानी

बरखा रानी जिया भरमाए ,
रिमझिम ,रुमझुम की तान पर ,
मन मयूरा थिरका जाये ,
बरखा रानी जिया भरमाये .
सांवली,सलोनी ,मोहनी ,मतवाली ,
काली बदरिया सी जुल्फें लहराये ,
बरखा रानी जिया भरमाये ,
बिजली से चमक्ते गहने पहने ,
सखी पुरवैया उड़ती जाये ,
बरखा रानी जिया भरमाये .
नीली गगरी से अमृत छलकाती ,
प्यासी धरती की प्यास बुझाए ,
बरखा रानी जिया भरमाये .
बंटी ,बबली ,बिटटू ,गोपी ,
कूद कूद कर खूब नहाये ,
बरखा रानी जिया भरमाये .
नवाब का महल हो या रामू की कुटिया ,
सब पर खुशियों की सौगात लुटाए ,
ऋतुयों की रानी जिया भरमाये ,
बरखा रानी जिया भरमाये .

– डॉ दीपिका शर्मा

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