हुस्न -२

करामात हुस्न के गर मै जान लेती !
हुनर-ए-हुस्न को खुदा मान लेती !
अन्जान थी जो हुस्न का अपमान कर बैठी ,
कास ! हुस्न की ताकत मै पहचान लेती !!

Anuj Tiwati ः–

2 Comments

  1. omendra.shukla omendra.shukla 11/09/2015
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 11/09/2015

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