दिल की गांठे खोल (गीत )

दिल की गांठे खोल , रे मनवा ,
दिल की गांठे खोल
दर्पण सा दिल होता अनमोल , रे मनवा ,
दिल की गांठे खोल

जीवन के दिन चार , रे मनवा ,
मत कर इसको तू बेकार
अपनी वाणी में मिश्री घोल , रे मनवा ,
दिल की गांठे खोल

प्यार की बरसात कर ले तू , रे मनवा ,
दुआओं से झोली भर ले तू
मुख से प्रभु नाम बोल , रे मनवा ,
दिल की गांठे खोल

रूप तेरा तुझे धोखा देगा , रे मनवा ,
यम न तुझे फिर मौका देगा
बिकेगा ये तन मिटटी के मोल , रे मनवा ,
दिल की गांठे खोल

रिश्ते नाते मतलब के साथी – रे मनवा ,
तू दूल्हा और ये बाराती
मौत दुल्हन संग तू डॉल , रे मनवा ,
दिल की गांठे खोल

दिल की गांठे खोल , रे मनवा ,
दिल की गांठे खोल
दर्पण सा दिल होता अनमोल , रे मनवा ,
दिल की गांठे खोल

हितेश कुमार शर्मा

3 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/09/2015
    • Hitesh Kumar Sharma Hitesh Kumar Sharma 10/09/2015
  2. kiran kapur gulati Kiran Kapur Gulati 10/09/2015

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