।।ग़ज़ल।।तू न समझे तो कोई बात नही ।।

।।ग़ज़ल।।तू न समझे तो कोई बात नही ।।

रोज मिलते है ,तू न समझे तो कोई बात नही ।।
इससे बेहतर ,कोई दुनिया में मुलाकात नही ।।

तेरी आँखों को, आँखे ये देख लेती है ,बस ।।
इससे बढ़कर इश्क़ की कोई बरसात नही ।।

तर बतर हो गया मैं तेरे मिलने से पहले ही ।।
ये दिल की हक़ीक़त है सिर्फ मेरे जज़्बात नही ।।

ये खुदा तेरे मिलने की मुराद ही पूरी न हो ।।
अभी मिलकर बिछड़ जाने के हालात नही ।।

सुना है इश्क़ में शाहिलो पर बिछड़ जाते है लोग ।।
तुम बिछड़कर मुस्कुराना और कोई सौगात नही ।।

……..R.K.M

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया D K Nivatiya 07/09/2015
  2. रकमिश सुल्तानपुरी राम केश मिश्र 07/09/2015
  3. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Anuj Tiwari"Indwar" 07/09/2015
  4. रकमिश सुल्तानपुरी राम केश मिश्र 08/09/2015

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