खामोश

खामोश हूँ फिर भी दिल मेँ आग सी लगी है।
थोड़ा वक्त बुरा है फिर भी जीत की लौ जली है।
तूफान कोशिश करता है इसे बुझाने की,
पर मेरे लहू में चिंगारी जली है।
खामोश हूँ फिर भी दिल मेँ आग सी लगी है।।

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